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VOL. 4, ISSUE 5 (2017)
भारतीय संविधान में: डाॅं. अम्बेड़कर की भूमिका
Authors
Pooja
Abstract
ड़ाॅ. भीमराव अम्बेड़कर दलितों के मसीहा व एक महामानव के रूप मे जाने जाते है। वह भारत के प्रसिद्ध न्याय-शास्त्री, विधि विशेषज्ञ संविधान निर्माता थें। वे भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन के मुख्य सेनानियों में शामिल है। वे एक ऐसे समाज सुधारक व संविधान निर्माता थे, जिन्होंने अपने आपकों भाषणों में सीमित नहीं रखा, बल्कि स्वयं अपने जीवन और कार्यो से सामाजिक रूढ़िवादिता, छुआछूत तथा जाति प्रथा के उन्मूलन में सदैव लगे रहे। उन्हें भारतीय संविधान का पितामह व पोषक माना जाता है। अम्बेड़कर भारतीय संविधान की धरोहर है और स्वतन्त्र भारत के प्रथम कानून मंत्री कहलाए गए।
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Pages:383-384
How to cite this article:
Pooja "भारतीय संविधान में: डाॅं. अम्बेड़कर की भूमिका". International Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 4, Issue 5, 2017, Pages 383-384
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